डार्क वेब पर 10 करोड़ डेबिट-क्रेडिट कार्ड मालिकों का डाटा लीक, मैसेजिंग एप्लीकेशंस का इस्तेमाल कर हो रही बिक्री
इस लीक हुए डाटा में
उपभोक्ताओं के नाम, फोन नंबर,
ईमेल आईडी, उनके कार्ड की पहली और आखिरी संख्या शामिल हैं। 'जस्ट पे'
अमेजन, मेकमाईट्रिप और स्विगी
समेत अन्य कंपनियों के लिए भुगतान की प्रक्रिया को अंजाम देती है। इससे पहले पिछले
महीने भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जब 70 लाख भारतीय डेबिट और
क्रेडिट कार्ड मालिकों का डाटा लीक हो गया था।
साइबर सिक्योरिटी
विशेषज्ञ राजशेखर रजारिया का कहना है कि
लीक हुए इस डाटा को डार्क वेब पर
क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के बदले बेचा जा रहा है। अभी इस डाटा की कीमत के बारे में
जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन जानकारी के
अनुसार हैकर्स इस डाटा को बेचने के लिए टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप्लीकेशंस का
इस्तेमाल कर रहे हैं।
हालांकि, बंगलूरू की स्टार्टअप कंपनी जस्ट पे ने कहा है कि लीक हुए डाटा की असल संख्या 10 करोड़ से काफी कम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जस्ट पे के संस्थापक ने कहा है कि कुछ गोपनीय डाटा, प्लेन टेक्स्ट ईमेल और फोन नंबर लीक हुए थे, लेकिन उनकी संख्या 10 करोड़ से काफी कम थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लीक डाटा में यूजर्स के कार्ड की डीटेल्स नहीं हैं।
यें भी पढ़ें : Bribe: महिला पुलिसकर्मी ने निराले अंदाज में ली रिश्वत, लोग बोले- ये हैं डायरेक्ट पॉकेट पे
0 Response to "डार्क वेब पर 10 करोड़ डेबिट-क्रेडिट कार्ड मालिकों का डाटा लीक, मैसेजिंग एप्लीकेशंस का इस्तेमाल कर हो रही बिक्री"
एक टिप्पणी भेजें
Please do not enter any spam link in the comment box.